राम की धुन में हो के मगन
राम की धुन में, हो के मगन,
रोज करता रहूं, मैं भजन,
कही और लगाऊं ना मन,
रोज करता रहूं, मैं भजन,
पहले भक्ती मिली, फिर भजन हैं मिला,
फिर भजनों में, राम का संग मिला,
राम जी से, लगाऊं मैं लगन,
रोज करता रहूं, मैं भजन,
राम की धुन में, हो के मगन,
रोज करता रहूं, मैं भजन,
जब से भक्ती मिली, मैं बदल सा गया,
जीवन मेरा तो फिर ये, सुधर सा गया,
अब बनाऊं, निर्मल ये मन,
रोज करता रहूं, मैं भजन,
राम की धुन में, हो के मगन,
रोज करता रहूं, मैं भजन,
भक्ती राम की मुझसे, ना छुटे कभी,
जो भी होंगे जतन, वो करूंगा सभी,
अब हटाऊ ना, भजनों से मन,
रोज करता रहूं, मैं भजन,
राम की धुन में, हो के मगन,
रोज करता रहूं, मैं भजन,
Lyr ics - Jay Prakash Verma, Indore
श्रेणी : राम भजन
राम की धुन में हो के मगन ।। रोज करता रहूं मैं भजन ।। #ramnavami2025 #priyanjaykeshyambhajan #ram
"राम की धुन में हो के मगन" एक भक्तिमय भजन है, जो प्रभु श्रीराम की आराधना में लीन रहने की प्रेरणा देता है। इस भजन की रचना जय प्रकाश वर्मा, इंदौर ने की है। भजन का हर शब्द भक्त के हृदय में भक्ति की गहराई को उजागर करता है और यह संदेश देता है कि जब इंसान प्रभु के नाम में तन्मय हो जाता है, तो उसका जीवन शुद्ध और पावन बन जाता है।
इस भजन में भक्ति की शक्ति का वर्णन किया गया है कि जब भक्त को रामभक्ति का अनुभव होता है, तो उसका जीवन स्वतः सुधर जाता है। यह भजन यह भी बताता है कि सच्चे मन से की गई भक्ति से व्यक्ति को शांति और प्रभु का सान्निध्य प्राप्त होता है। राम के भजनों में मगन रहकर, मन निर्मल और निष्कलंक बनता है।
भजन का हर पद यह प्रकट करता है कि जब एक भक्त पूरी निष्ठा और प्रेम से श्रीराम का भजन करता है, तो उसका मन कहीं और नहीं भटकता। यह न केवल भक्त की आस्था को दृढ़ करता है, बल्कि उसे सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठाकर परम शांति की ओर ले जाता है।
"राम की धुन में हो के मगन" भजन प्रभु श्रीराम की भक्ति में डूबने और उनके चरणों में मन को समर्पित करने की प्रेरणा देता है। यह भजन हर उस भक्त के लिए है, जो प्रभु की भक्ति में रमकर अपना जीवन सार्थक बनाना चाहता है।