नी मैनू दो गल्ला मां नाल कर लेन दे
नी मैनू दो गल्ला मां नाल कर लैण दे नी,
मेनू झोलियां मुरादा नाल भर लेण दे नी,
चलो सईयो चलिए द्वारे शेरावाली दे,
सुनया सवाल पूरे कर दी सवाली दे,
नी मैनू मावा वाले रंग विच रंग लेण दे,
नी मेनू दो गल्ला मां नाल कर लैण दे नी,
सुआ-सुआ चोला नी मैं चावा नाल रंगया,
मां दी उड़ीक विच किल्ले उत्ते टगया नी
मेनू मां दे सिर उते रख लेण दे नी,
नी मेनू दो गल्ला मां नाल कर लैण दे नी,
मेनू झोलियां मुरादा नाल भर लेण दे नी,
उचियां ते टेडियां घाटियां नू चढ़ के छड़या नहीं दाती दे चरनां नु फड़के नी
मेनू एक वारी गुफा विचो लघं लैण दे नी,
नी मेनू दो गल्ला मां नाल कर लैण दे नी,
श्ररदा दे नाल जेडे द्वारे तेरे आ गए मंगिया मुरादा शेरावाली तो जो पा गए नी
मैनू रज रज दर्शन कर लैण दे
नी मैनू दो गल्ला मां नाल कर लैण दे नी,
मेनू झोलियां मुरादा नाल भर लेण दे नी,
श्रेणी : दुर्गा भजन
SSDN:- नी मैनू दो गल्ला मां नाल कर लैण दे नी | Mata Rani Bhajan | anandpur bhajan | #navratrispecial
"नी मैनू दो गल्ला मां नाल कर लैण दे नी" एक भावुक और श्रद्धापूर्वक भक्ति गीत है, जो मां दुर्गा के प्रति भक्तों की गहरी श्रद्धा और भक्ति को व्यक्त करता है। इस भजन में भक्त मां से अपनी इच्छाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की आकांक्षा रखते हैं।
भजन के शुरुआत में, भक्त मां से अनुरोध करते हैं कि वे उन्हें दो बातें मां के साथ करने का अवसर दें, और झोलियां मुरादों से भरने की प्रार्थना करते हैं। यह पूरी कविता मां के चरणों में समर्पण और आशीर्वाद की प्राप्ति की इच्छा को दर्शाती है।
भजन में मां की महिमा का वर्णन किया गया है, जैसे वे शेरावाली के द्वार पर भक्तों की इच्छाएं पूरी करती हैं और उनके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाती हैं। भक्त यह भी कहते हैं कि मां के सिर पर उन्हें रखा हुआ आशीर्वाद ही जीवन का सबसे बड़ा वरदान है।
"मां दे सिर उते रख लेण दे नी" में भक्त यह व्यक्त करते हैं कि मां के आशीर्वाद से जीवन में हर कठिनाई से उबरने की शक्ति मिलती है। मां का प्रेम और आशीर्वाद भक्तों को अडिग और दृढ़ बनाता है।
भजन के अंतिम हिस्से में भक्तों का दृढ़ विश्वास दिखाई देता है कि जो श्रद्धा से मां के दरवाजे तक पहुंचते हैं, वे निश्चित ही अपनी मुराद पूरी करने में सफल होते हैं।
इस भजन के माध्यम से भक्त मां से अपनी भावनाओं का इज़हार करते हैं और उन्हें अपने जीवन के हर पहलू में आशीर्वाद देने की प्रार्थना करते हैं। यह भजन नवरात्रि के दौरान विशेष रूप से मां दुर्गा की भक्ति में और भी अधिक उन्नति प्रदान करता है।