भोग लगे महारानिए आज तैनू भोग लगे
भोग लगे महांरानीए,
भोग, लगे, महांरानीए,
आज तैनू, भोग लगे ll
सत्ययुग, दे विच, हे महांरानीए,
शिव जी ने, भोग लगाया,
आज तैनू, भोग लगे ll
भोग, लगे, महां रानीए...
त्रेता दे विच, हे महांरानीए,
राम जी ने, भोग लगाया,
आज तैनू, भोग लगे ll
भोग, लगे, महां रानीए...
द्वापर, दे विच, हे महांरानीए,
श्याम जी ने, भोग लगाया,
आज तैनू, भोग लगे ll
भोग, लगे, महां रानीए...
कलियुग, दे विच, हे महांरानीए,
भगतां ने, भोग लगाया,
आज तैनू, भोग लगे ll
भोग, लगे, महां रानीए...
ऐसा, भोग, लगाओ महांरानीए,
सब अमृत, हो जाए,
आज तैनू, भोग लगे ll
भोग, लगे, महां रानीए...
जो, कोई तेरे, भोग को खाए,
वो तेरा, हो जाए,
आज तैनू, भोग लगे ll
भोग, लगे, महां रानीए...
सारी, संगत दी मां, एहो अरजी,
अपणा, दर्शन दिखाओ,
आज तैनू, भोग लगे ll
भोग, लगे, महां रानीए...
अपलोडर - अनिलरामूर्ती भोपाल
श्रेणी : दुर्गा भजन
#navratri भोग लगाने का भजन 🚩🙏 भोग लगे महारानिए आज तैनू भोग लगे 🙏💐🌺@RSBhajanMandaliचैनल से जुड़ें
यह भजन "भोग लगे महां रानीए" एक अद्भुत भक्ति गीत है, जो देवी दुर्गा की महिमा का बखान करता है। इस भजन में समय के चारों युगों—सत्ययुग, त्रेतायुग, द्वापर और कलियुग—का उल्लेख करते हुए, यह दिखाया गया है कि कैसे हर युग में महात्माओं और भक्तों ने देवी को भोग अर्पित किया। सत्ययुग में भगवान शिव, त्रेतायुग में भगवान राम, द्वापर युग में भगवान श्याम और कलियुग में भक्तों ने देवी दुर्गा को भोग अर्पित किया। इस भजन के माध्यम से भक्तों से प्रार्थना की जाती है कि वे देवी को ऐसी भक्ति से भोग अर्पित करें, जिससे सभी दुखों का नाश हो और जीवन में सुख-समृद्धि आए।
भजन का स्वरूप बहुत सरल और मधुर है, और यह भक्तों को अपनी भक्ति की गहराई में ले जाने का काम करता है। साथ ही, यह भजन यह संदेश भी देता है कि जो कोई भी देवी के भोग को स्वीकार करता है, वह देवी के श्रीचरणों में समर्पित हो जाता है। यह भजन न केवल भक्तों को समर्पण की भावना से भरता है, बल्कि उन्हें जीवन में सही दिशा में मार्गदर्शन भी करता है।
इस भजन के लेखक अनिलरामूर्ती भोपाल जी ने इस भजन को विशेष रूप से दुर्गा माता की पूजा और भक्ति के संदर्भ में लिखा है। यह भजन नवरात्रि के अवसर पर विशेष रूप से प्रिय है, और इसकी ध्वनियाँ भक्तों के दिलों में एक गहरी भक्ति का संचार करती हैं।
इस भजन का मंत्रमुग्ध करने वाला रूप भक्तों को जोड़ने के साथ-साथ, देवी की अनुकम्पा प्राप्त करने की प्रेरणा भी देता है।