मैं तो सांवरे सलोने का करू श्रृंगार
मैं तो सांवरे सलोने का करू श्रृंगार,
मैं तो खाटूवाले बाबा से करती हूँ प्यार,
मेरे मन में है मूरत मेरे श्याम की यार,
मैं तो सांवरे ..............
छोटे छोटे हाथो से शीश को सजाऊँ,
तेरी मोटी आँखों में काजल लगाऊं,
तेरे माथे पे तिलक लगाऊं दिलदार,
मैं तो सांवरे ..............
तेरे श्याम कानो में कुण्डल पहनाऊं,
तेरी घुंघराली लटा को सजाऊँ,
तुझे इत्तर स्नान करौं दिलदार,
मैं तो सांवरे ..............
दक्षिता के मन को श्रृंगार तेरो भावे,
देव श्याम नाम माला तेरी जपता जाऊं,
तोहे खीचड़ का भोग लगाऊं मेरे श्याम,
मैं तो सांवरे ..............
श्रेणी : खाटू श्याम भजन
Saawre Ka Karun Shringar | Shyam Bhajan | Dakshita Aggarwal | मैं तो सांवरे सलोने का करू श्रृंगार
"मैं तो सांवरे सलोने का करू श्रृंगार" एक अत्यंत भावपूर्ण और भक्ति से ओतप्रोत खाटू श्याम भजन है, जिसे दक्षिता अग्रवाल ने अपनी मधुर आवाज़ में प्रस्तुत किया है। इस भजन में एक भक्त की कोमल भावनाओं को दर्शाया गया है, जो अपने प्रिय सांवरे सलोने श्याम के प्रति अटूट प्रेम और भक्ति का इज़हार करती है। भजन के सरल और सजीव शब्द श्याम बाबा के सौंदर्य और उनकी अलौकिक छवि को साकार कर देते हैं।
भक्त की भावना इतनी गहरी है कि वह अपने छोटे-छोटे हाथों से श्याम का साज-श्रृंगार करने को तत्पर है। काजल से बाबा की बड़ी-बड़ी आंखों को सजाना, उनके माथे पर तिलक करना और उनकी घुंघराली लटाओं को सँवारना — हर क्रिया में प्रेम और समर्पण झलकता है। इत्र स्नान और कानों में कुंडल पहनाने का भाव, भक्त की श्रद्धा को और प्रबल कर देता है। यह भजन केवल श्रृंगार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भक्त की आत्मीयता और अपनी श्रद्धा को साकार करने की अभिलाषा भी प्रकट होती है।
"दक्षिता के मन को श्रृंगार तेरो भावे" जैसी पंक्तियां दर्शाती हैं कि भक्त का प्रत्येक कार्य श्याम बाबा की कृपा पाने का माध्यम है। अपने भोलेपन में खीचड़ का भोग लगाने का संकल्प भी भक्त के निष्कपट प्रेम को दर्शाता है, जहाँ भावनाएं ही सबसे बड़ा अर्पण बन जाती हैं।
इस भजन को सुनते ही मन में भक्ति का सागर उमड़ने लगता है और श्याम बाबा की छवि आंखों के सामने सजीव हो उठती है। "मैं तो सांवरे सलोने का करू श्रृंगार" हर भक्त को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का एक मधुर साधन प्रदान करता है, जो श्याम प्रेम की गहराई को दर्शाने वाला एक अनुपम भजन है।