मईया का चोला है रंगला
( हो, लाली मेरी मात की,
जित देखूँ तित लाल l
लाली, देखन मैं गया,
मैं भी हो ग्या लाल ll )
मईया का, चोला, (है रंगला) l
मेरा, माँ का, चोला, (है रंगला) l
शेरोँ, वाली का चोला, (है रंगला) l
मेहरोँ, वाली का चोला, (है रंगला) l
हो, जोतां, वाली का चोला (है रंगला)
ओए, अम्बे रानी का चोला, (है रंगला) l
माँ, वैष्णो का चोला, (है रंगला) l
हो, भवन, मैया का लाल,
चोला, है रंगला, रंगला, रंगला, रंगला,
मईया का, चोला, (है रंगला),
सूहा, चोला, अँग बिराजे l
सूहा सूहा, चोला, अँग बिराजे ll
लगी, किनारी लाल,
चोला, है रंगला, रंगला, रंगला, रंगला,
मईया का, चोला, (है रंगला),
सिर, सोने का, छत्र बिराजे ll
हीरे, अपरंपार,
चोला, है रंगला, रंगला, रंगला, रंगला,
मईया का, चोला, (है रंगला),
अश्विन, चेत, महीना आवे ll
चले, पवन की, चाल,
चोला, है रंगला, रंगला, रंगला, रंगला,
मईया का, चोला, (है रंगला),
हो पान, सुपारी, ध्वजा, नारियल ll
माँ की, भेंट चढ़ा,
की चोला, है रंगला, रंगला, रंगला, रंगला,
मईया का, चोला, (है रंगला),
शेरोँ, वाली, माता मेरी l
मेहरोँ, वाली, माता मेरी ll
सब को, करे निहाल,
चोला, है रंगला, रंगला, रंगला, रंगला,
मईया का, चोला, (है रंगला),
श्रेणी : दुर्गा भजन
नवरात्रि Special: Maiya Ka Chola Hai Rangla with Lyrics,🙏Devi Bhajan🙏,LAKHBIR SINGH LAKKHA,माता भजन
"मईया का चोला है रंगला" एक अत्यंत भावनात्मक और भक्तिमय देवी भजन है, जिसे लखबीर सिंह लक्खा जी ने अपनी मधुर वाणी से संगीतमय किया है। यह भजन माता रानी के सौंदर्य, तेज और कृपा का अनुपम वर्णन करता है, जिसमें भक्त माँ के लाल चोले को देखकर स्वयं को भी उसी भक्ति रंग में रंगा हुआ महसूस करता है।
भजन की हर पंक्ति में माता के विभिन्न स्वरूपों की महिमा गाई गई है—शेरों वाली, मेहरों वाली, जोतों वाली, अंबे रानी और वैष्णो माता के भव्य रूप को इस भजन में अत्यंत सुंदरता से चित्रित किया गया है। लाल चोला, जो शक्ति और समर्पण का प्रतीक है, माँ के अनंत रूप की दिव्यता को प्रकट करता है।
इस भजन में माँ के श्रृंगार, उनके चोले की आभा, भव्य छत्र, नवरात्रि के आगमन, और भक्तों द्वारा किए जाने वाले पूजन की झलकियां देखने को मिलती हैं। विशेष रूप से नवरात्रि के पावन अवसर पर यह भजन भक्तों को देवी माँ की कृपा में सराबोर कर देता है और उन्हें शक्ति और भक्ति का संबल प्रदान करता है।
इस भजन की धुन और लय इतनी मनमोहक है कि यह सीधे भक्तों के हृदय को छूती है और माँ की भक्ति में लीन कर देती है। "मईया का चोला है रंगला" गाते ही हर भक्त माँ दुर्गा की कृपा और ऊर्जा से भर उठता है और नवरात्रि के उत्सव में डूब जाता है।