हे भोलेनाथ हे शम्भू नाथ हे मेरे भोलेनाथ
हे भोलेनाथ हे शम्भू नाथ,
हे मेरे भोलेनाथ,
कृपा करो हे दीनदयाल,
आया मैं शरणा तेरी,
हे भोलेनाथ हे शम्भू नाथ,
हे मेरे भोलेनाथ,
सुबह शाम तेरा नाम ध्याऊँ,
पूजा करके आज मनाऊं,
तेरे नाम का दीप जलाऊँ,
तेरा हार श्रृंगार कराऊँ,
माला गले मोतियाँ दी डाल,
आया मैं शरणा तेरी,
हे भोलेनाथ हे शम्भू नाथ,
हे मेरे भोलेनाथ,
मात पिता मेरे सब कुछ तुम हो,
दीन बंधू सखा तुम्ही हो,
प्रीत लगाए दुनिया सारी,
नैनो की ज्योति नूर तुम्ही हो,
तेरा गान सिमरन करने,
आया मैं शरणा तेरी,
हे भोलेनाथ हे शम्भू नाथ,
हे मेरे भोलेनाथ,
विघ्न कष्ट सब हर लो हमारे,
पूरण कर दो काज हमारे,
ख़ुशी ख़ुशी तेरे दर पे आएं,
कभी ना हमको कष्ट सताये,
सुनलो भोले मेरी पुकार,
सुनलो बाबा मेरी पुकार,
आया मैं शरणा तेरी,
हे भोलेनाथ हे शम्भू नाथ,
हे मेरे भोलेनाथ,
श्रेणी : शिव भजन
हे भोलेनाथ हे शम्भू नाथ | Hey Bholenath | Lord Shiva Latest Bhajan | Vicky Sandhu | Mahadev Bhajan
"हे भोलेनाथ हे शम्भू नाथ" भजन भगवान शिव की असीम महिमा और उनके प्रति भक्त की अटूट श्रद्धा को दर्शाता है। यह भजन विक्की संधू द्वारा गाया गया है, जिसकी मधुर आवाज़ और भक्ति भाव श्रोताओं को शिव की भक्ति में डुबो देता है।
भजन की शुरुआत भोलेनाथ को सच्चे हृदय से पुकारने से होती है। "हे भोलेनाथ हे शम्भू नाथ" की गूंज भक्त के समर्पण को दर्शाती है, जिसमें वह शिव की शरण में आकर अपनी विनम्र प्रार्थना करता है। शिव को दीनदयाल कहकर, भक्त अपनी समस्त चिंताओं और दुखों को उनके चरणों में समर्पित करता है।
इस भजन में शिव की पूजा और उनकी आराधना की महिमा को भी दर्शाया गया है। भक्त शिव के नाम का दीप जलाता है, माला अर्पण करता है और उन्हें मोतियों का हार पहनाकर उनका श्रृंगार करता है। यह दर्शाता है कि शिव आराधना में तन, मन और आत्मा से समर्पित होना ही सच्ची भक्ति है।
भजन के अगले भाग में भगवान शिव को माता-पिता, सखा और दीनबंधु के रूप में संबोधित किया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भक्त के जीवन में शिव ही सब कुछ हैं। जब संसार के सारे संबंध अस्थायी हो जाते हैं, तब भोलेनाथ ही सच्चे मार्गदर्शक और संबल बनते हैं।
भजन के अंत में भक्त भगवान शिव से अपने विघ्न और कष्टों को हरने की विनती करता है। वह शिव की कृपा से सुख-समृद्धि की कामना करता है और प्रार्थना करता है कि उसके जीवन में कभी कोई दुःख न आए। "सुनलो भोले मेरी पुकार" जैसी पंक्तियाँ भक्त की असीम आस्था और विश्वास को दर्शाती हैं।
"हे भोलेनाथ हे शम्भू नाथ" भजन, शिव भक्तों के लिए एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है। विक्की संधू की भावपूर्ण प्रस्तुति और भजन के अर्थपूर्ण शब्द हर श्रोता को भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग देते हैं, जिससे वह स्वयं को महादेव के चरणों में समर्पित कर देता है।