रंग गुलाल उड़ाओ रे फागण के मेले में
रंग गुलाल उड़ाओ रे फागुन के मेले में,
मेरे श्याम को रंग लगाओ फागुन के मेले में,
रंग गुलाल उड़ाओ रे...........
नीला पीला हरा गुलाबी सारे रंग लगाओ,
खाटू की नगरी में जाकर ऐसा शोर मचाओ,
मेरे श्याम को रंग लगाओ खाटू के मेले में,
रंग गुलाल उड़ाओ रे...........
राधा रानी ने श्याम पर ऐसा रंग लगाया,
देख श्याम ने राधा को फिर से रंग लगाया,
मेरे श्याम को रंग लगाओ खाटू के मेले में,
रंग गुलाल उड़ाओ रे...........
ग्यारस का महीना देखो फागुन में है आया,
श्याम धनी ने अपने दर पे देखो सबको बुलाया,
मेरे श्याम को रंग लगाओ खाटू के मेले में,
रंग गुलाल उड़ाओ रे...........
श्रेणी : खाटू श्याम भजन
Fagun Mela New Bhajan | रंग गुलाल उड़ाओ रे फागण के मेले में | Khatu Shyam Bhajan | Jogender Chanchal
"रंग गुलाल उड़ाओ रे फागुन के मेले में" एक उल्लासपूर्ण और रंगों से भरा खाटू श्याम भजन है, जिसे भक्तिपूर्ण अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। जोगिंदर चंचल की आवाज़ में यह भजन श्याम प्रेमियों को फागुन के रंगीन माहौल में ले जाता है, जहाँ भक्ति और आनंद का संगम देखने को मिलता है।
भजन के बोल श्याम बाबा की होली की लीला को सजीव कर देते हैं। भक्तजन खाटू नगरी में उमंग और उत्साह के साथ गुलाल उड़ाते हैं और श्याम बाबा को प्रेम से रंग लगाते हैं। नीला, पीला, हरा और गुलाबी — हर रंग में भक्ति और श्रद्धा की भावना छलकती है। यह दृश्य भक्तों को कृष्ण काल की होली की स्मृतियों में डुबो देता है, जहाँ राधा और कृष्ण ने प्रेम और मस्ती भरी होली खेली थी।
इस भजन में विशेष रूप से राधा रानी और श्याम बाबा के बीच रंग खेलने की छवि को बड़े ही सुंदर शब्दों में पिरोया गया है। राधा ने अपने प्रिय श्याम को रंग लगाया, और श्याम ने भी प्रेम के रंग में राधा को सराबोर कर दिया। यह दृश्य भक्तों को प्रेम, समर्पण और आनंद का संदेश देता है।
फागुन माह के ग्यारस के दिन खाटू नगरी में विशेष भव्यता देखने को मिलती है। श्याम बाबा अपने भक्तों को स्नेह से बुलाते हैं, और भक्तगण अपने आराध्य के रंग में रंग जाने के लिए दौड़े चले आते हैं। भजन का हर शब्द इस भक्तिमय माहौल को जीवंत कर देता है, जिससे श्याम प्रेमी भावविभोर हो जाते हैं।
"रंग गुलाल उड़ाओ रे" न केवल एक भजन है, बल्कि यह श्याम बाबा के प्रति भक्तों की अटूट भक्ति और प्रेम की अभिव्यक्ति भी है, जो हर श्याम भक्त के हृदय को आनंद और श्रद्धा से भर देता है।