चिंता न कर चिंता न कर
चिंता न कर चिंता न कर खाली गया सिकंदर,
मन चंचल है तू हस ले कभी रोते नहीं सिकंदर,
चिंता न कर चिंता न कर खाली गया सिकंदर,
सफल है तेरा आना तुझे याद करे ज़ामना,
क्यों आँख में आंसू तेरे बेकार में नहीं बहाना,
सहज सहज को चलना तेरा बने गा मुकदर,
मन चंचल है तू हस ले कभी रोते नहीं सिकंदर,
जब कोई नहीं सहारा ओह रही ढूंढ ले प्यारा,
इक अकेला मारा दूजे ने जीवन सवारा,
बदले गई तेरी किसमत तेरी नाव चले समंदर,
मन चंचल है तू हस ले कभी रोते नहीं सिकंदर,
छोटा सा है जीवन इसे प्यार से सींच ले प्यारे,
खुशियों का थाम ले दमान कोई दूर नहीं किनारे,
तुझे चलना खुद के सहारे,
तेरे पाँव चले है कंकर,
मन चंचल है तू हस ले कभी रोते नहीं सिकंदर,
जब कोई नहीं है तेरा कर गुरु चरणों में बसेरा,
वो कहता है तू मेरा मैं आसरा तेरा,
उड़ जाना इक दिन सजन चन्दन की खुसबू बन कर,
मन चंचल है तू हस ले कभी रोते नहीं सिकंदर,
श्रेणी : विविध भजन
आँखों से आंसू नहीं रोक पाएंगे इस दर भरे भजन को सुनकर- Chinta Na Kar - दर्द भरा भजन #Nirguni Bhajan
चिंता न कर चिंता न कर लिरिक्स Chinta Na Kar Chinta Khaali Geya Sikandar Lyrics, Vividh Bhajan, by Singer: Mankor Ji
Note :- वेबसाइट को और बेहतर बनाने हेतु अपने कीमती सुझाव नीचे कॉमेंट बॉक्स में लिखें व इस ज्ञानवर्धक ख़जाने को अपनें मित्रों के साथ अवश्य शेयर करें।