लुटा दिया भंडार शेराँवाली ने
लुटा दिया भंडार शेरावाली ने,
कर दिया मालामाल मेहरवाली ने,
शेरावाली ने मेहरवाली ने,
लूटा दिया भंडार शेरावाली ने,
कर दिया मालामाल मेहरवाली ने ।।
जैसी जो भावना लाया,
वैसा ही फल वो पाया,
नही खाली उसे लौटाया,
वो मन ही मन हर्षाया,
कर दिया उसे निहाल शेरावाली वाले ने,
कर दिया मालामाल मेहरवाली ने ।।
जो लगन लगाया सच्ची,
फिर उसकी नाव ना अटकी,
बेड़े को पार लगाया,
ना देर करे वो पल की,
मिटा दिया जंजाल शेरावाली वाले ने,
कर दिया मालामाल मेहरवाली ने ।।
चरणों की किया जो सेवा,
वो पाया मिश्री मेवा,
जिसने है माँगा बेटा,
वो चाँद सा टुकड़ा पाया,
कर दिया फिर खुशहाल शेरावाली वाले ने,
कर दिया मालामाल मेहरवाली ने ।।
जिसने श्रृंगार सजाया,
वो माँ का दर्शन पाया,
वो मन ही मन हर्षाया,
नैनो में रूप सजाया,
दिया है जनम सुधार शेरावाली वाले ने,
कर दिया मालामाल मेहरवाली ने ।।
लुटा दिया भंडार शेरावाली ने,
कर दिया मालामाल मेहरवाली ने,
शेरावाली ने मेहरवाली ने,
लूटा दिया भंडार शेरावाली ने,
कर दिया मालामाल मेहरवाली ने ।।
श्रेणी : दुर्गा भजन
लुटा दिया भंडार शेराँवाली ने|Luta Diya Bhandar Sheronwali Ne |Sukhjeet Singh Toni |Mata Rani Bhajan
"लुटा दिया भंडार शेरावाली ने" एक प्रसिद्ध भजन है जो माँ दुर्गा की महिमा का बखान करता है। इस भजन में भक्तों के दिलों में श्रद्धा और भक्ति की गहरी भावना को दर्शाया गया है। भजन के बोल कहते हैं कि जो शेरावाली माता के चरणों में श्रद्धा और समर्पण से सेवाएँ करता है, वह हमेशा सुखी और समृद्ध रहता है। भक्ति में लीन होकर माँ दुर्गा की पूजा करने से हर बाधा दूर होती है और जीवन में खुशियाँ आती हैं। यह भजन भक्तों को माँ दुर्गा की महिमा का अहसास कराता है और उन्हें अपने जीवन में माता के आशीर्वाद का अनुभव होता है।
यह भजन उन सभी भक्तों के लिए प्रेरणादायक है जो माँ दुर्गा की उपासना में विश्वास रखते हैं।